
Madhyahimalaya Puratatva evam Sanskritik Paryatan (Hindi)
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| Author: | Devkinandan Dimri |
| ISBN 13: | 9789386463296 |
| Binding: | Hardbound |
| Language: | Hindi |
| Year: | 2024 |
| Pages: | 148pp.,+60 Black & White and Colousr Photo |
| Published On: | 29th October 2024 |
| Subject: | Tourism |
About the Book
हिमालय पर्वत शृंखलाओं के मध्य स्थित भू-भाग जिसे मध्यहिमालय अथवा उत्तराखंड के रूप में पहचाना जाता है, अपने समृद्ध अतीत की अनंत गाथा को अपने परिवेश में समेटे अपनी समृद्ध यात्रा का साक्षी रहा है। विभिन्न चरणों से प्राप्त पुरावशेष एक लम्बे कालखंड में इस क्षेत्र के समग्र इतिहास एवं संस्कृति के मूक साक्षी रहे हैं। मध्यहिमालय न केवल देवभूमि अपितु पवित्र नदियों के उद्गम स्थल के लिए भी विश्व विख्यात है। प्रस्तुत ग्रन्थ के माध्यम से पुरावेत्ताओं द्वारा निरंतर किये गए शोध को एक सूत्र में पिरोकर इतिहास के विभिन्न कालखंड का सजीव चित्रण करने का प्रयास किया गया है। पुरावशेषों के अध्ययन के साथ-साथ इस क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थों का वर्णन भीे इस आशय से किया गया है जिससे पाठक पुरातत्व एवं इस भू-भाग के सांस्कृतिक पर्यटन से भी अवगत हो सके। वस्तुतः प्रस्तुत पुस्तक अपने अतीत को अपनी सरल भाषा में अपने लोगों तक पहुँचाने का एक सूक्ष्म प्रयास है।
